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वेरिकोज वेंस का घरेलू उपचार क्या हो सकता है? क्या यह बिल्कुल खत्म हो सकता है? By वनिता कासनियां पंजाब वेरीकोज वेंस भी एक ऐसी समस्या है जो महिलाओं में ज्यादा होती है। पचास की उम्र पार करने पर, गर्भावस्था के समय, मेनोपॉज होने पर मोटे लोगों में और लगातार लंबे समय तक खड़े होने पर वेरीकोज वेंस की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है।वेरीकोज वेंस के लिए ना कोई विश्वसनीय इलाज है ना कोई घरेलू उपाय। किसी दवाई से यह ठीक नहीं होती। इलाज के लिए जटिल लेजर थेरेपी या ऑपरेशन डॉक्टर इसलिए नहीं करते क्योंकि समस्या उतनी गंभीर नहीं है कि इतने जटिल उपाय किए जाएं। डॉक्टर आपको यह कह कर भेज देंगे कि लंबे समय तक ना बैठिए ना खड़े होइए, मोटापा कम कीजिए, व्यायाम कीजिए आदि। शायद ऐसा करने से वेरीकोज वेंस की समस्या बढ़े नहीं पर यह आसानी से ठीक नहीं होता।समझने की कोशिश करते हैं कि वेरीकोज वेंस क्या है और यह आसानी से ठीक क्यों नहीं होता।चित्र में दिख रहा स्पाइडर वेन ही बढ़ कर वेरीकोज वेंस में परिवर्तित हो जाता है। आर्टरी दिल से खून शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाता है और वेंस पूरे शरीर से वापस दिल तक। वेंस में सिंगल वाल्व होते हैं जो खून को सिर्फ दिल की तरफ की दिशा में जाने देते हैं। दिल से सबसे दूर पैर है और यहां से गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ दिल तक खून पहुंचाना मुश्किल पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से खून वेंस में जमा होने लगता है और दबाव में वाल्व खराब हो जाते हैं। जहां वाल्व खराब हुए वहां के नीचे वेंस में खून जमा होने लगता है और वेंस मोटे और घुमावदार होते जाते हैं।वेरीकोज वेंस वैसे तो शरीर के किसी अंग में हो सकता है लेकिन दिल से दूरी और गुरुत्वाकर्षण के कारण यह पैर में ज्यादा होता है और त्वचा के नीचे वाले वेंस में होने के कारण यह बाहर से दिखाई देता है। महिलाओं के सौंदर्य पर असर पड़ता है।डॉक्टर टाइट स्टॉकिंग्स या कंप्रेशन सॉक्स पहनने की सलाह देते हैं। इसके दबाव से खून का दिल के तरफ बहाव आसान हो जाता है। घरेलू उपायों से जितना हो गया उसे तो ठीक करना मुश्किल है पर इसे बदतर होने से रोका जा सकता है और नई जगहों पर होने से भी।जाते जाते एक सलाह और दे दूं। लंबे समय तक बैठे रहना है तो पैर लगातार लटका कर ना बैठें। पैर कहीं ऊपर रखने की जगह खोजें या समेट लें।

वेरीकोज वेंस भी एक ऐसी समस्या है जो महिलाओं में ज्यादा होती है। पचास की उम्र पार करने पर, गर्भावस्था के समय, मेनोपॉज होने पर मोटे लोगों में और लगातार लंबे समय तक खड़े होने पर वेरीकोज वेंस की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है।

वेरीकोज वेंस के लिए ना कोई विश्वसनीय इलाज है ना कोई घरेलू उपाय। किसी दवाई से यह ठीक नहीं होती। इलाज के लिए जटिल लेजर थेरेपी या ऑपरेशन डॉक्टर इसलिए नहीं करते क्योंकि समस्या उतनी गंभीर नहीं है कि इतने जटिल उपाय किए जाएं। डॉक्टर आपको यह कह कर भेज देंगे कि लंबे समय तक ना बैठिए ना खड़े होइए, मोटापा कम कीजिए, व्यायाम कीजिए आदि। शायद ऐसा करने से वेरीकोज वेंस की समस्या बढ़े नहीं पर यह आसानी से ठीक नहीं होता।

समझने की कोशिश करते हैं कि वेरीकोज वेंस क्या है और यह आसानी से ठीक क्यों नहीं होता।

चित्र में दिख रहा स्पाइडर वेन ही बढ़ कर वेरीकोज वेंस में परिवर्तित हो जाता है। आर्टरी दिल से खून शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाता है और वेंस पूरे शरीर से वापस दिल तक। वेंस में सिंगल वाल्व होते हैं जो खून को सिर्फ दिल की तरफ की दिशा में जाने देते हैं। दिल से सबसे दूर पैर है और यहां से गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ दिल तक खून पहुंचाना मुश्किल पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से खून वेंस में जमा होने लगता है और दबाव में वाल्व खराब हो जाते हैं। जहां वाल्व खराब हुए वहां के नीचे वेंस में खून जमा होने लगता है और वेंस मोटे और घुमावदार होते जाते हैं।

वेरीकोज वेंस वैसे तो शरीर के किसी अंग में हो सकता है लेकिन दिल से दूरी और गुरुत्वाकर्षण के कारण यह पैर में ज्यादा होता है और त्वचा के नीचे वाले वेंस में होने के कारण यह बाहर से दिखाई देता है। महिलाओं के सौंदर्य पर असर पड़ता है।

डॉक्टर टाइट स्टॉकिंग्स या कंप्रेशन सॉक्स पहनने की सलाह देते हैं। इसके दबाव से खून का दिल के तरफ बहाव आसान हो जाता है। घरेलू उपायों से जितना हो गया उसे तो ठीक करना मुश्किल है पर इसे बदतर होने से रोका जा सकता है और नई जगहों पर होने से भी।

जाते जाते एक सलाह और दे दूं। लंबे समय तक बैठे रहना है तो पैर लगातार लटका कर ना बैठें। पैर कहीं ऊपर रखने की जगह खोजें या समेट लें।



🌺🪴स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे 🪴🌺

पेट में पथरी का घरेलु उपचार, आपरेशन की झंझट खत्म, हैरान हो जायेंगे ये उपचार जानकर |

जब ब्लड में इन तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है तो यह किडनी में जमा होकर पत्थर के टुकड़ों का आकार ले लेती हैं जिसके कारण ब्लेंडर तक यूरिन पहुंचने में रुकावट होती है क्योकि  किडनी में पथरी की समस्या पैदा हो जाती है 


By वनिता कासनियां पंजाब



पेट में पथरी का घरेलु  उपचार, आपरेशन की झंझट खत्म,  हैरान हो जायेंगे ये उपचार जानकर |

पेट में पथरी का घरेलु  उपचार, आपरेशन की झंझट खत्म,  हैरान हो जायेंगे ये उपचार जानकर |

गलत खानपान की आदतों की वजह से या खराब लाइफस्टाइल के कारण शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं इन्हीं में से एक है किडनी स्टोन | आज के समय में बड़ी संख्या में लोग पथरी की समस्या से जूझ रहे हैं इस दौरान पेट में होने वाला दर्द बर्दाश्त करना बहुत ही मुश्किल होता है अगर स्टोन नार्मल है तो यह यूरिन के जरिए आसानी से बाहर निकल जाता है लेकिन इनकी संख्या ज्यादा हो तो इनका शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है किडनी की छोटी पथरी को दवाओं और नेचुरल इलाज ओं की मदद से निकाला जा सकता है इसके लिए परहेज के साथ थोड़ी सी धैर्य की जरूरत होती है

यह भी पढ़े- जुकाम चुटकियों में गायब,जुकाम ठीक करने के घरेलु रामबाण उपाय  

कैसे बनती है पथरी-

किडनी शरीर का एक अहम अंग है इसका काम ब्लड को फिल्टर करना होता है ब्लड  फिल्टर  के दौरान सोडियम कैल्शियम और अन्य दूसरे  मिनरल्स बारी बारी कणों के रूप में यूरेटर के माध्यम से ब्लेंडर तक पहुंचते हैं जो पेशाब के जरिए बाहर निकल जाते हैं जब ब्लड में इन तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है तो यह किडनी में जमा होकर पत्थर के टुकड़ों का आकार ले लेती हैं जिसके कारण ब्लेंडर तक यूरिन पहुंचने में रुकावट होती है क्योकि  किडनी में पथरी की समस्या पैदा हो जाती है

पथरी से राहत पाने के घरेलू उपचार 

पत्थरचट्टा-

पत्थरचट्टा के पौधे का एक पत्ता ले और उसे मिश्री के कुछ दानों के साथ पीसकर खा ले | पत्थरचट्टा औषधि गुणों वाला एक पौधा होता है जिसका उपयोग किडनी और पेट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में किया जाता है यह सदाबहार पौधा है जो भारत में खूब होता है किडनी में पथरी की समस्या के लिए भी पत्थरचट्टा सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है 

नींबू का रस और जैतून का तेल-

नींबू का रस पथरी को तोड़ने का काम करता है और जैतून का तेल उसे बाहर निकालने में मदद करता है एक गिलास पानी में एक नींबू का रस  और थोड़ा सा जैतून का तेल डालें |इसको अच्छे से मिलाकर सेवन करें  ऐसा करने से कुछ ही समय में पथरी निकल जाती है

पपीते की जड़-

पथरी निकालने के लिए पपीते की जड़ भी काफी मदद करती है इसके लिए सात से आठ ग्राम पपीते की जड़ को पीस कर  एक गिलास पानी में अच्छी तरह से गोले और अब रोजाना इस पानी का सेवन करें | ऐसा करने से पथरी गल जाएगी और कुछ ही दिनों में पथरी से छुटकारा मिल जाएगा

इलायची मिश्री और खरबूजे के बीज-

कुछ बड़ी इलायची के दानों को पीसकर पाउडर बनाएं  फिर एक छोटे चम्मच पाउडर को  एक गिलास पानी में मिक्स करें और इसमें एक छोटा चम्मच मिश्री और कुछ खरबूज के बीजो को डालकर रात भर भिगो दें और सुबह इसमें पड़ी चीजों को अच्छे से चबाकर खाएं और सारा पानी पी ले इसके सेवन से पथरी की समस्या से जल्द ही  छुटकारा मिलता है

सेब का सिरका-

सेब के सिरके में साइट्रिक एसिड होता है जो किडनी स्टोन को छोटे-छोटे कणों में काटने का काम करता है 2 छोटे चम्मच सिरके को गर्म पानी के साथ लेने से स्टोन की समस्या में काफी राहत मिल सकती है

अनार का जूस-,

पथरी की समस्या से राहत पाने के लिए अनार एक बेहतर विकल्प है इसका जूस पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है और यह नेचुरल तरीके से किडनी स्टोन में राहत मिलती है 

दी हुई जानकारी आपको कैसी लगी अगर अच्छी लगी हो तो प्लीज कमेंट करें और अगर आपको भी स्वास्थ्य से संबंधित कोई परेशानी है तो आप हमसे शेयर कर सकते हैं धन्यवाद 


Home remedies for stone in stomach, the hassle of operation is over, you will be surprised to know these remedies.


When the amount of these elements in the blood increases, it accumulates in the kidney and takes the shape of stone pieces, due to which




Varicose Veins کے گھریلو علاج کیا ہیں؟ کیا یہ بالکل ختم ہو سکتا ہے؟


ونیتھا کاسنیہ پنج


ویریکوز رگیں بھی ایک مسئلہ ہے جو خواتین میں زیادہ عام ہے۔ پچاس سال کی عمر کو پہنچنے پر، حملابملابملابملابملابملاب

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हृदय रोग का सरल और आसान आयुर्वेदिक इलाज By वनिता कासनियां पंजाब ' परिचय आयुर्वेद के अनुसार, हृदय रोग तीन दोषों के असंतुलन के कारण होता है: वात, पित्त और कफ। हृदय रोग के लिए आयुर्वेदिक उपचार आहार परिवर्तन, जीवनशैली में बदलाव और हर्बल सप्लीमेंट के संयोजन का उपयोग करके इस संतुलन को बहाल करने पर केंद्रित है। हृदय रोग क्या है? हृदय रोग एक सामान्य शब्द है जिसका उपयोग हृदय को प्रभावित करने वाली विभिन्न स्थितियों का वर्णन करने के लिए किया जाता है। हृदय रोग को अक्सर हृदय रोग शब्द के साथ परस्पर उपयोग किया जाता है, जो उन स्थितियों को संदर्भित करता है जिनमें संकुचित या अवरुद्ध रक्त वाहिकाएं शामिल होती हैं जो दिल का दौरा, सीने में दर्द या स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं। हृदय रोग कई प्रकार के होते हैं, और प्रत्येक के अपने लक्षण और उपचार होते हैं। जीवनशैली में बदलाव से हृदय रोग के कुछ रूपों को रोका जा सकता है, जैसे स्वस्थ आहार खाना, नियमित व्यायाम करना और तंबाकू के सेवन से बचना। हृदय रोग के अन्य रूपों में चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद भारत की एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है जो स्वास्थ्...

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