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,,कोल्ड ड्रिंक - हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक ( Cold drink - how harmful for our body by वनिता कासनियां पंजाबCold drink - how harmful for our body नमस्कार दोस्तों, इस आर्टिकल में हम कोल्ड ड्रिंक के बारे में बात करने वाले हैं। कोल्ड ड्रिंक आजकल हमारी लाइफ का एक हिस्सा बन गई है। इसे देखकर ही हमारे दिल को ठंडक मिल जाती है। लेकिन हर चीज़ की सच्चाई जानना भी तो ज़रूरी होता है। TABLE OF CONTENTINTRODUCTION कोल्ड ड्रिंक और पेट की गैसकोल्ड ड्रिंक और शक्कर कोल्ड ड्रिंक ज़्यादा मीठी क्यों नहीं लगती ?कोल्ड ड्रिंक का स्ट्रोंग एसिडकोल्ड ड्रिंक की लत कैंसर और कोल्ड ड्रिंकरिज़ल्ट INTRODUCTION आज हमारे देश का ये हाल है कि हर ख़ुशी के मौके पर हम कोल्ड ड्रिंक पीते हैं। अगर घर में कोई मेहमान आ जाएं तो सबसे पहले कोल्ड ड्रिंक लाने की बात की जाती है। कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कम्पनी का हमारे दिमाग पर इतना असर हो गया है कि जब भी हम "ठंडा" ‌सुनते हैं तो हमें कोल्ड ड्रिंक का ख्याल आता है।‌ लेकिन क्या आपने कभी कोल्ड ड्रिंक के बारे में सोचा है कि ये शरीर पर किस तरह का प्रभाव डालता है।कोल्ड ड्रिंक को सॉफ्ट ड्रिंक के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन सॉफ्ट सॉफ्ट बोलकर लोग इसे इतना साधारण समझ लेते हैं, जैसे इसका कोई असर होता ही नहीं है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ये आप की बहुत बड़ी गलतफहमी है।सॉफ्ट ड्रिंककोल्ड ड्रिंक पर उठने वाला सबसे बड़ा सवाल इसमें मौजूद चीनी के बारे में किया जाता है । लेकिन कोल्ड ड्रिंक में चीनी के अलावा भी ऐसी कई चीजें होती हैं जो शरीर को चीनी से ज़्यादा नुकसान पहुंचाती है। सबसे ख़तरनाक बात ये है कि हम में से ज़्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक में चीनी के अलावा मौजूद नुकसानदायक चीज़ो के बारे में जानते तक नहीं है। कोल्ड ड्रिंक और पेट की गैसलोगों में सबसे मशहूर गलतफहमी है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से पेट की गैस बाहर निकलती है। कोल्ड ड्रिंक में सबसे ज़्यादा पानी की मात्रा होती है। लेकिन यहां पानी हमारे घर में आने वाले पानी की तरह नहीं होता। सभी तरह के कोल्ड ड्रिंक्स को बनाने के लिए कार्बोनेटेड वॉटर का इस्तेमाल किया जाता है। इसे सोडा वॉटर के नाम से भी जाना जाता है। इस पानी में पहले से ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस को मिलाया जाता है। यही वज़ह है कि कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद बार बार डकार आने लगती है। क्योंकि जो गैस पहले से कोल्ड ड्रिंक में मौजूद हैं, हमारा शरीर उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है । इसी कारण लोगों को ऐसा लगता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से पेट की गैस बाहर निकलती है। कोल्ड ड्रिंक को किसी ग्लास में निकाल कर आप खुद उसमें मौजूद गैस को बाहर आता देख सकते है।ये कोल्ड ड्रिंक में मौजूद सबसे कम नुकसान पहुंचाने वाली चीज़ है जो आपके दांतों की ऊपरी परत और आपके शरीर को थोड़ा सा नुकसान पहुंचाती है।कोल्ड ड्रिंक और शक्कर कोल्ड ड्रिंक एक ऐसी चीज़ है जिसमें पचाने लायक कुछ नहीं होता। इसलिए ये छोटी आंत से होते हुए खून में पहुंच जाती है।‌‌ एक 500 ml की कोल्ड ड्रिंक में 40 से 50 ग्राम शक्कर होती है। जिसे ऐसे देखा जाएं तो 10 से 12 चम्मच शक्कर हो जाती है। जब इतनी सारी चीनी हमारे शरीर में एक साथ जाती है तो हमारा शरीर इंसुलिन नामक हार्मोन बहुत तेज़ी से छोड़ने लगता है । इससे शरीर में हार्मोनल सिस्टम असंतुलित हो जाता है। साथ ही लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक के सेवन से एक समय के बाद , इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि सही तरह से काम नहीं करती और डायबिटीज़ जैसी बीमारी हो जाती है। कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीनी हमारी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मारने लगता है। इससे पाचन तंत्र पर भी ग़लत प्रभाव पड़ता है।‌‌ जब इतनी सारी चीनी हमारे खून में पहुंचती है तो हमारा शरीर उसे फैट में बदलने लगता है। जब ये फैट लिवर में जमा होने लगता है तो फैटि लिवर जैसी गंभीर समस्या जन्म लेती है। फैटि लिवर हमारे देश में सबसे तेज़ी से फैलने वाली बीमारी है जिसमें लिवर ठीक तरह से काम नहीं करता । जब ये फैट शरीर के दूसरे हिस्सों में जमा होने लगता है तो शरीर मोटापे का शिकार हो जाता है। कोल्ड ड्रिंक ज़्यादा मीठी क्यों नहीं लगती ?यहां कुछ लोग सवाल करते है कि अगर 10 से 12 चम्मच चीनी हम सीधे खाएंगे तो हमें घबराहट महसूस होने लगेगी , साथ ही सर दर्द भी शुरू हो जाऊंगा । तो कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीज़ें के सेवन के बाद हमें घबराहट क्यों नहीं होती। इसका जवाब ये है कि कोल्ड ड्रिंक में इतनी सारी शक्कर मिलने के साथ एक और केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जिसे फॉस्फोरिक एसिड के नाम से जाना जाता है। ये केमिकल कोल्ड ड्रिंक की मिठास को कम करता है और उसे एक टैंगी सा टेस्ट भी देता है।बार बार कोल्ड ड्रिंक पीने से उसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। इस कारण शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है और हड्डियां कमज़ोर होने लगती है। कोल्ड ड्रिंक का स्ट्रोंग एसिडकोल्ड ड्रिंक में कार्बोनिक एसिड, सिट्रिक ऐसिड और फॉस्फोरिक एसिड तीनों मौजूद होते हैं। ये तीनों मिलकर एक स्ट्रोंग और शक्तिशाली एसिड बनाते हैं जो दांतों के संपर्क में आने से दांतो की ऊपरी परत को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाता है। कोल्ड ड्रिंक की लत कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कम्पनी अपने शिकार को ऐसे ही नहीं छोड़ती है। जिस तरह शराब और दूसरी नशीली चीजों की लत लग जाती है , उसी तरह कोल्ड ड्रिंक में भी ऐसी दो चीज़ें पाई जाती है जिससे इंसान इसका दिवाना हो जाता है । कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीनी और कैफ़ीन जब दिमाग तक पहुंचती है तो डोपामिन नामक हार्मोन निकलने लगता है। नशीली चीज़े खाने पीने के बाद भी यही हार्मोन निकलता है। इससे थोड़ी देर के लिए तो शरीर का आलस दूर होता है और बहुत अच्छा फील होने लगता है। लेकिन ये ख़ुशी थोड़ी ही देर की होती है। क्योंकि थोड़ी देर के बाद शरीर और थका हुआ महसूस करता है। इसलिए हमारा दिमाग फिर से थोड़ी देर की खुशी पाने के लिए शरीर को कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए मोटिवेट करता है। इस तरह अच्छा खासा इंसान कोल्ड ड्रिंक की लत का शिकार हो जाता है। कैंसर और कोल्ड ड्रिंकइसके अलावा कोल्ड ड्रिंक में दो ऐसी चीज़ें भी मौजूद होती है जिससे कैंसर जैसी बीमारी हो जाती है। कोल्ड ड्रिंक को खराब होने से बचाने के लिए पोटैशियम बेंज़ोएड जैसे प्रिजर्वेटिव मिलाएं जाते हैं । ये शरीर में जाकर बेंजीन बनाता है। बेंजीन कारसैनोजेनिक होता है जो कैंसर जैसी बीमारी को पैदा कर सकता है। कोल्ड ड्रिंक को खुबसूरत और आकर्षक रंग देने के लिए इसमें आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है। अब इसे कम्पनी की मजबूरी कहिए या हमारी बेवकूफी, कि हम कलरफुल चीजों को खाना पीना पसंद करते हैं। कभी कभार तो हम घर में बनी चीजों में भी कलर मिला देते हैं, जैसे उस कलर को पेट के अंदर जाकर पेंटिंग करना हो । ज़्यादातर आर्टिफिशियल कलर कारसैनोजेनिक होते हैं, जो कि शरीर में कैंसर जैसी बीमारी पैदा करने की ताकत रखते हैं। रिज़ल्ट सारी बातों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि कोल्ड ड्रिंक की जगह फलों का जूस पीना ज़्यादा सही है । क्योंकि ये शरीर के लिए फायदेमंद होने के साथ स्वाद में भी अच्छे होते हैं। कोल्ड ड्रिंक हमारे शरीर में सिर्फ नुकसान पहुंचाने का काम करती है। इसलिए अगर आप कोल्ड ड्रिंक के आदि हो गए हैं तो जल्द से जल्द कोल्ड ड्रिंक को जगह फ्रूट जूस पीने की आदत डालें। वरना पता चला कि आपको सोचने में बहुत देर हो जाएं और कोल्ड ड्रिंक आपके शरीर को पूरी तरह बर्बाद कर दें।

कोल्ड ड्रिंक - हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक ( Cold drink - how harmful for our body 

by वनिता कासनियां पंजाब

Cold drink - how harmful for our body 


नमस्कार दोस्तों, इस आर्टिकल में हम कोल्ड ड्रिंक के बारे में बात करने वाले हैं। कोल्ड ड्रिंक आजकल हमारी लाइफ का एक हिस्सा बन गई है। इसे देखकर ही हमारे दिल को ठंडक मिल जाती है। लेकिन हर चीज़ की सच्चाई जानना भी तो ज़रूरी होता है।


TABLE OF CONTENT

INTRODUCTION 


आज हमारे देश का ये हाल है कि हर ख़ुशी के मौके पर हम कोल्ड ड्रिंक पीते हैं। अगर घर में कोई मेहमान आ जाएं तो सबसे पहले कोल्ड ड्रिंक लाने की बात की जाती है। कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कम्पनी का हमारे दिमाग पर इतना असर हो गया है कि जब भी हम "ठंडा" ‌सुनते हैं तो हमें कोल्ड ड्रिंक का ख्याल आता है।‌ लेकिन क्या आपने कभी कोल्ड ड्रिंक के बारे में सोचा है कि ये शरीर पर किस तरह का प्रभाव डालता है।

कोल्ड ड्रिंक को सॉफ्ट ड्रिंक के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन सॉफ्ट सॉफ्ट बोलकर लोग इसे इतना साधारण समझ लेते हैं, जैसे इसका कोई असर होता ही नहीं है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ये आप की बहुत बड़ी गलतफहमी है।

सॉफ्ट ड्रिंक


कोल्ड ड्रिंक पर उठने वाला सबसे बड़ा सवाल इसमें मौजूद चीनी के बारे में किया जाता है । लेकिन कोल्ड ड्रिंक में चीनी के अलावा भी ऐसी कई चीजें होती हैं जो शरीर को चीनी से ज़्यादा नुकसान पहुंचाती है। सबसे ख़तरनाक बात ये है कि हम में से ज़्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक में चीनी के अलावा मौजूद नुकसानदायक चीज़ो के बारे में जानते तक नहीं है। 

कोल्ड ड्रिंक और पेट की गैस


लोगों में सबसे मशहूर गलतफहमी है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से पेट की गैस बाहर निकलती है। कोल्ड ड्रिंक में सबसे ज़्यादा पानी की मात्रा होती है। लेकिन यहां पानी हमारे घर में आने वाले पानी की तरह नहीं होता। सभी तरह के कोल्ड ड्रिंक्स को बनाने के लिए कार्बोनेटेड वॉटर का इस्तेमाल किया जाता है। इसे सोडा वॉटर के नाम से भी जाना जाता है। इस पानी में पहले से ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस को मिलाया जाता है। 

यही वज़ह है कि कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद बार बार डकार आने लगती है। क्योंकि जो गैस पहले से कोल्ड ड्रिंक में मौजूद हैं, हमारा शरीर उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है । इसी कारण लोगों को ऐसा लगता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से पेट की गैस बाहर निकलती है। कोल्ड ड्रिंक को किसी ग्लास में निकाल कर आप खुद उसमें मौजूद गैस को बाहर आता देख सकते है।


ये कोल्ड ड्रिंक में मौजूद सबसे कम नुकसान पहुंचाने वाली चीज़ है जो आपके दांतों की ऊपरी परत और आपके शरीर को थोड़ा सा नुकसान पहुंचाती है।

कोल्ड ड्रिंक और शक्कर 


कोल्ड ड्रिंक एक ऐसी चीज़ है जिसमें पचाने लायक कुछ नहीं होता। इसलिए ये छोटी आंत से होते हुए खून में पहुंच जाती है।‌‌ एक 500 ml की कोल्ड ड्रिंक में 40 से 50 ग्राम शक्कर होती है। जिसे ऐसे देखा जाएं तो 10 से 12 चम्मच शक्कर हो जाती है। जब इतनी सारी चीनी हमारे शरीर में एक साथ जाती है तो हमारा शरीर इंसुलिन नामक हार्मोन बहुत तेज़ी से छोड़ने लगता है । इससे शरीर में हार्मोनल सिस्टम असंतुलित हो जाता है। साथ ही लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक के सेवन से एक समय के बाद , इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि सही तरह से काम नहीं करती और डायबिटीज़ जैसी बीमारी हो जाती है। 

कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीनी हमारी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मारने लगता है। इससे पाचन तंत्र पर भी ग़लत प्रभाव पड़ता है।‌‌ 


जब इतनी सारी चीनी हमारे खून में पहुंचती है तो हमारा शरीर उसे फैट में बदलने लगता है। जब ये फैट लिवर में जमा होने लगता है तो फैटि लिवर जैसी गंभीर समस्या जन्म लेती है। फैटि लिवर हमारे देश में सबसे तेज़ी से फैलने वाली बीमारी है जिसमें लिवर ठीक तरह से काम नहीं करता । जब ये फैट शरीर के दूसरे हिस्सों में जमा होने लगता है तो शरीर मोटापे का शिकार हो जाता है। 

कोल्ड ड्रिंक ज़्यादा मीठी क्यों नहीं लगती ?


यहां कुछ लोग सवाल करते है कि अगर 10 से 12 चम्मच चीनी हम सीधे खाएंगे तो हमें घबराहट महसूस होने लगेगी , साथ ही सर दर्द भी शुरू हो जाऊंगा । तो कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीज़ें के सेवन के बाद हमें घबराहट क्यों नहीं होती। इसका जवाब ये है कि कोल्ड ड्रिंक में इतनी सारी शक्कर मिलने के साथ एक और केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जिसे फॉस्फोरिक एसिड के नाम से जाना जाता है। ये केमिकल कोल्ड ड्रिंक की मिठास को कम करता है और उसे एक टैंगी सा टेस्ट भी देता है।

बार बार कोल्ड ड्रिंक पीने से उसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। इस कारण शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है और हड्डियां कमज़ोर होने लगती है। 

कोल्ड ड्रिंक का स्ट्रोंग एसिड


कोल्ड ड्रिंक में कार्बोनिक एसिड, सिट्रिक ऐसिड और फॉस्फोरिक एसिड तीनों मौजूद होते हैं। ये तीनों मिलकर एक स्ट्रोंग और शक्तिशाली एसिड बनाते हैं जो दांतों के संपर्क में आने से दांतो की ऊपरी परत को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाता है। 

कोल्ड ड्रिंक की लत 


कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कम्पनी अपने शिकार को ऐसे ही नहीं छोड़ती है। जिस तरह शराब और दूसरी नशीली चीजों की लत लग जाती है , उसी तरह कोल्ड ड्रिंक में भी ऐसी दो चीज़ें पाई जाती है जिससे इंसान इसका दिवाना हो जाता है । 

कोल्ड ड्रिंक में मौजूद चीनी और कैफ़ीन जब दिमाग तक पहुंचती है तो डोपामिन नामक हार्मोन निकलने लगता है। नशीली चीज़े खाने पीने के बाद भी यही हार्मोन निकलता है। इससे थोड़ी देर के लिए तो शरीर का आलस दूर होता है और बहुत अच्छा फील होने लगता है। लेकिन ये ख़ुशी थोड़ी ही देर की होती है। क्योंकि थोड़ी देर के बाद शरीर और थका हुआ महसूस करता है। इसलिए हमारा दिमाग फिर से थोड़ी देर की खुशी पाने के लिए शरीर को कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए मोटिवेट करता है। इस तरह अच्छा खासा इंसान कोल्ड ड्रिंक की लत का शिकार हो जाता है। 

कैंसर और कोल्ड ड्रिंक


इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक में दो ऐसी चीज़ें भी मौजूद होती है जिससे कैंसर जैसी बीमारी हो जाती है। कोल्ड ड्रिंक को खराब होने से बचाने के लिए पोटैशियम बेंज़ोएड जैसे प्रिजर्वेटिव मिलाएं जाते हैं । ये शरीर में जाकर बेंजीन बनाता है। बेंजीन कारसैनोजेनिक होता है जो कैंसर जैसी बीमारी को पैदा कर सकता है। 

कोल्ड ड्रिंक को खुबसूरत और आकर्षक रंग देने के लिए इसमें आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है। अब इसे कम्पनी की मजबूरी कहिए या हमारी बेवकूफी, कि हम कलरफुल चीजों को खाना पीना पसंद करते हैं। कभी कभार तो हम घर में बनी चीजों में भी कलर मिला देते हैं, जैसे उस कलर को पेट के अंदर जाकर पेंटिंग करना हो । ज़्यादातर आर्टिफिशियल कलर कारसैनोजेनिक होते हैं, जो कि शरीर में कैंसर जैसी बीमारी पैदा करने की ताकत रखते हैं। 

रिज़ल्ट 

सारी बातों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि कोल्ड ड्रिंक की जगह फलों का जूस पीना ज़्यादा सही है । क्योंकि ये शरीर के लिए फायदेमंद होने के साथ स्वाद में भी अच्छे होते हैं। कोल्ड ड्रिंक हमारे शरीर में सिर्फ नुकसान पहुंचाने का काम करती है। इसलिए अगर आप कोल्ड ड्रिंक के आदि हो गए हैं तो जल्द से जल्द कोल्ड ड्रिंक को जगह फ्रूट जूस पीने की आदत डालें। वरना पता चला कि आपको सोचने में बहुत देर हो जाएं और कोल्ड ड्रिंक आपके शरीर को पूरी तरह बर्बाद कर दें।   

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