सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे क्या आप मानव शरीर के बारे में कुछ ऐसी बातें बता सकते हैं जिसे सुनकर हम हैरान हो जाए? आज मैं आपको बताऊंगी🗣️ मानव शरीर🩸 के बारे में कुछ सच जिसे जानकर आप हैरान🤯 हो जाएंगे 2 मिनट निकालकर इसे जरूर पढ़ें :— हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं🦠 बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं🩸 का निर्माण करता है. हर वत्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं।🤎 सारे कैमरे📹 और दूरबीने फेल इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक🐞 अंतर पहचान सकती है. फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके।💛 जबरदस्त फेफडे हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हव🌬️ को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती😳. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे।🤎 मनुष्य का खून🩸 हर दिन शरीर में 1,92,000KM का सफर करता है.👣 हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है।🧡 एक स्वस्थ इंसान ❤️ का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पपम्पिंग 🪐 प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है।💚 यह कुछ मानव🧍 शरीर के बारे में कुछ सच है जो बहुत कम लोग जानते हैं क्या आप पहले इनके बारे में जानते थे।🤔 वनिता कासनियां पंजाब आपको यह मेरी पोस्ट कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।🗯️💭 मैं आशा करती हूं कि आप को यह मेरी पोस्ट पसंद आई होगी।🧡😇 अगर आपको यह मेरी पोस्ट पसंद आई है तो इसे अपवोट करना और मुझे फॉलो करना ना भूलें।⬆️💌 स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे बांस का चावल 100 साल में सिर्फ 1-2 बार ही पैदा होता है, पौष्टिक गुणों के चलते अच्छी कमाई होती है Jabalpur: भारत में चावल (Rice) को बहुत चाव से खाया जाता है। इसकी गिनती स्टेपल फ़ूड (Special Food) में की जाती है। गांव ही नही पूरे देश में ही चावल को पसंद किया जाता है। आज के समय में शायद ही ऐसा कोई भारतीय परिवार का घर होगा, जहां दिन में कम से कम एक बार चावल ना बनता हो। फिर चाहे वह पूर्वी भारतीय परिवार हो या दक्षिण भारतीय परिवार का घर।बहुत से लोगों के साथ, तो यह भी होता है कि चावल ना खाएं, तो पेट ही नहीं भरता है। मन मे चावल की ललक ही बनी रहती है, जब तक चावल खाने ना मिले तब तक पेट को संतुष्टि नही मिलती, दाल चावल, राजमा चावल, कढ़ी चावल और खिचड़ी सभी का पसंदीदा खाना है। चावल के अपने फायदे और हानिकारक हैं।ऐसे में लोग अपनी आवश्यकता के हिसाब से ही चावल खाते हैं। आपने आजतक केवल व्हाइट और ब्राउन चावल के बारे में सुना होगा। फिटनेस को देखते हुए, लोग अधिकतर सफ़ेद की जगह ब्राउन चावल ही खाना पसन्द करते हैं। क्या आप जानते है कि एक चावल ऐसा भी जिसके बारे में कम ही लोग जानते है, जिसे बांस के चावल के नाम से जानते है। बांस का चावल को मुलयरी (Mulayari) कहा जाता है।बांस के चावल बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें ऐसे-ऐसे गुण हैं, जिसके बारे में जानने के बाद आप भी बांस के चावल (Bamboo Rice) खाना स्टार्ट कर देंगे। आपने अधिकतर सफेद या फिर ब्राउन रंग के चावलों का सेवन तो बहुत किया होगा, लेकिन कभी बैंबू या बांस के चावल का सेवन नही किया होगा, हो सकता है यह चीज आपके लिए काफी नई हो, लेकिन यह चावल काफी फायेदमंद होता हैं।यह रियल में चावल न हो कर बैंबू का बीज (Bamboo seed) होता है, जिसे कई जन-जातियों में पाकर खाया और बनाया जाता है। यह तब उत्पादित होता है, जब एक बैंबू का पेड़ (Bamboo Tree) अपने अंतिम समय में होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत होती है और यह सभी चावल और गेंहू से भी ज्यादा पौष्टिक होता है।अपने घर में दाल चावल हो या फिर पुलाव या बिरयानी, सभी अलग-अलग पकवान बनाने के लिए अलग-अलग चावल की किस्म का इस्तेमाल करते है। यह आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में चावल की करीब 6000 से अधिक किस्म उपलब्ध हैं, उन्हीं में से एक है बांस का चावल है। जो बहुत ही फायदेमंद होता है।बांस का चावल में अन्य सभी चावल की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक तत्व उपलब्ध होते हैं। इसका कुछ कुछ टेस्ट गेहूं जैसा होता है, इसका कलर बांस के रंग जैसा हरा होता है। इसको खाने से शुगर के पेशेंट को फायदा मिलता है और इसमें प्रोटीन (Protein) की मात्रा पाई जाती है, इस चावल की एक खास बात यह होती है, जो उसे सबसे अलग रखती है इसमें फैट नहीं होता। बांस के चावल में बहुत गुण होते हैं फिलहाल वर्तमान समय में इस चावल की बाजार में ज्यादा प्रचलन नहीं है और सप्लाई भी काफी कम होती है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी खेती करने में बहुत अधिक वक्त लगता है। चेन्नई में इसकी कीमत सिर्फ 100 से 120 प्रति किलो रुपए से स्टार्ट होती है। बांस के चावल का सेवन जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और आमवाती दर्द में भी राहत देता है।इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल की मात्रा भी अधिक नही होती है। साथ ही इस चावल का सेवन आपको अधिक वक्त तक पेट भरा रहने का अहसास दिलाता है। बैम्बू राइस खाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता में भी इजाफा होता है। इसके सेवन से मर्दों में स्पर्म काउंट की मात्रा भी बढ़ती है, जिसके कारण से प्रजनन क्षमता बूस्ट होती है। ना सिर्फ पुरुषों के ऊपर बल्कि औरतो के लिए भी ये चावल फायदेमंद है।बांस के चावल (बैम्बू राइस), जो मुलयारी के नाम से भी प्रचलित है, वास्तव में यह एक मरने वाले बाँस की गोली का बीज है, जो इसके जीवन काल के 60 साल में जा कर पैदा होता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के लिए आय का एक मुख्य साधन है।यह चावल बाजारों में आमतौर पर नही मिलता है, लेकिन इसकी ऑनलाइन बिक्री (Online Selling) बहुत मात्रा में होती है। इसमें एक पौधे को फूल बनने में कई वर्ष लग जाते हैं, जिसमें से इस छोटे अनाज वाले राइस को निकाला जाता है।जब इसे बनाने की बात आती है, तो इसे किसी भी अन्य वेरायटी के चावल की तरह बनाया जाता है और इसका स्वाद खाने में अधिक मीठा होता है। एक बार पकने पर इसकी बनावट में अंतर साफ दिखाई देता है। अधिकतर इसका इस्तेमाल खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है। मरते बांस के दीपवृक्ष की आखिरी निशानी बांस की दीपवृक्ष में अगर फूल आ जाए, तो इसका अर्थ है कि वह पेड़ अपने अंतिम दिन में है। बैम्बू राइस या बांस का चावल मरती बांस के दीप वृक्ष की अंतिम निशानी होता है। बांस के फूल से एक बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का चावल आता है और यही चावल बांस का चावल कहलाता है।यदि आप आदिवासी इलाके में जाते हैं तो कई महिलाएं और बच्चे बांस के चावल (Bans Ka Chawal) एकत्रित करते हुए बेचते हुए नजर आते है। एक शोधकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक केरल की वायानाड सेंचुरी के आदिवासियों के लिए यह चावल ना सिर्फ खाने का नही बल्कि आय का भी महत्वपूर्ण साधन है। बांस के चावल की कटाई बांस की झाड़ में फूल लगाए नहीं जाते यह खुद स्वयं उग जाते हैं। बांस की झाड़ में ऐसे चावल वाले फूल सिर्फ 50 वर्षों में एक बार ही आते हैं। इसका मतलब यह है कि 100 सालों में केवल दो बार आते हैं। स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे ☀ चावल को एकत्रित करने के लिए बांस के फूल के आसपास की सफाई की जाती है और फूल पर मिट्टी को लपेटा जाता है और जब वह मिट्टी सूख जाती है, तो उसमें से चावल के दानों को निकाला जाता है। इसके बाद इसका बाजार में या स्वयं खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह चावल पौष्टिक गुणो से भरपूर होता है।

 

 स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे

क्या आप मानव शरीर के बारे में कुछ ऐसी बातें बता सकते हैं जिसे सुनकर हम हैरान हो जाए?


आज मैं आपको बताऊंगी🗣️ मानव शरीर🩸 के बारे में कुछ सच जिसे जानकर आप हैरान🤯 हो जाएंगे 2 मिनट निकालकर इसे जरूर पढ़ें :—


हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं🦠 बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं🩸 का निर्माण करता है. हर वत्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं।🤎

सारे कैमरे📹 और दूरबीने फेल इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक🐞 अंतर पहचान सकती है. फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके।💛

जबरदस्त फेफडे हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हव🌬️ को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती😳. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे।🤎

मनुष्य का खून🩸 हर दिन शरीर में 1,92,000KM का सफर करता है.👣 हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है।🧡

एक स्वस्थ इंसान ❤️ का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पपम्पिंग 🪐 प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है।💚

यह कुछ मानव🧍 शरीर के बारे में कुछ सच है जो बहुत कम लोग जानते हैं क्या आप पहले इनके बारे में जानते थे।🤔

वनिता कासनियां पंजाब


आपको यह मेरी पोस्ट कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।🗯️💭


मैं आशा करती हूं कि आप को यह मेरी पोस्ट पसंद आई होगी।🧡😇


अगर आपको यह मेरी पोस्ट पसंद आई है तो इसे अपवोट करना और मुझे फॉलो करना ना भूलें।⬆️💌

स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे

बांस का चावल 100 साल में सिर्फ 1-2 बार ही पैदा होता है, पौष्टिक गुणों के चलते अच्छी कमाई होती है


Jabalpur: भारत में चावल (Rice) को बहुत चाव से खाया जाता है। इसकी गिनती स्टेपल फ़ूड (Special Food) में की जाती है। गांव ही नही पूरे देश में ही चावल को पसंद किया जाता है। आज के समय में शायद ही ऐसा कोई भारतीय परिवार का घर होगा, जहां दिन में कम से कम एक बार चावल ना बनता हो। फिर चाहे वह पूर्वी भारतीय परिवार हो या दक्षिण भारतीय परिवार का घर।बहुत से लोगों के साथ, तो यह भी होता है कि चावल ना खाएं, तो पेट ही नहीं भरता है। मन मे चावल की ललक ही बनी रहती है, जब तक चावल खाने ना मिले तब तक पेट को संतुष्टि नही मिलती, दाल चावल, राजमा चावल, कढ़ी चावल और खिचड़ी सभी का पसंदीदा खाना है। चावल के अपने फायदे और हानिकारक हैं।ऐसे में लोग अपनी आवश्यकता के हिसाब से ही चावल खाते हैं। आपने आजतक केवल व्हाइट और ब्राउन चावल के बारे में सुना होगा। फिटनेस को देखते हुए, लोग अधिकतर सफ़ेद की जगह ब्राउन चावल ही खाना पसन्द करते हैं। क्या आप जानते है कि एक चावल ऐसा भी जिसके बारे में कम ही लोग जानते है, जिसे बांस के चावल के नाम से जानते है। बांस का चावल को मुलयरी (Mulayari) कहा जाता है।बांस के चावल बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें ऐसे-ऐसे गुण हैं, जिसके बारे में जानने के बाद आप भी बांस के चावल (Bamboo Rice) खाना स्टार्ट कर देंगे। आपने अधिकतर सफेद या फिर ब्राउन रंग के चावलों का सेवन तो बहुत किया होगा, लेकिन कभी बैंबू या बांस के चावल का सेवन नही किया होगा, हो सकता है यह चीज आपके लिए काफी नई हो, लेकिन यह चावल काफी फायेदमंद होता हैं।यह रियल में चावल न हो कर बैंबू का बीज (Bamboo seed) होता है, जिसे कई जन-जातियों में पाकर खाया और बनाया जाता है। यह तब उत्पादित होता है, जब एक बैंबू का पेड़ (Bamboo Tree) अपने अंतिम समय में होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत होती है और यह सभी चावल और गेंहू से भी ज्यादा पौष्टिक होता है।अपने घर में दाल चावल हो या फिर पुलाव या बिरयानी, सभी अलग-अलग पकवान बनाने के लिए अलग-अलग चावल की किस्म का इस्तेमाल करते है। यह आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में चावल की करीब 6000 से अधिक किस्म उपलब्ध हैं, उन्हीं में से एक है बांस का चावल है। जो बहुत ही फायदेमंद होता है।बांस का चावल में अन्य सभी चावल की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक तत्व उपलब्ध होते हैं। इसका कुछ कुछ टेस्ट गेहूं जैसा होता है, इसका कलर बांस के रंग जैसा हरा होता है। इसको खाने से शुगर के पेशेंट को फायदा मिलता है और इसमें प्रोटीन (Protein) की मात्रा पाई जाती है, इस चावल की एक खास बात यह होती है, जो उसे सबसे अलग रखती है इसमें फैट नहीं होता।


बांस के चावल में बहुत गुण होते हैं


फिलहाल वर्तमान समय में इस चावल की बाजार में ज्यादा प्रचलन नहीं है और सप्लाई भी काफी कम होती है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी खेती करने में बहुत अधिक वक्त लगता है। चेन्नई में इसकी कीमत सिर्फ 100 से 120 प्रति किलो रुपए से स्टार्ट होती है। बांस के चावल का सेवन जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और आमवाती दर्द में भी राहत देता है।इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल की मात्रा भी अधिक नही होती है। साथ ही इस चावल का सेवन आपको अधिक वक्त तक पेट भरा रहने का अहसास दिलाता है। बैम्बू राइस खाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता में भी इजाफा होता है। इसके सेवन से मर्दों में स्पर्म काउंट की मात्रा भी बढ़ती है, जिसके कारण से प्रजनन क्षमता बूस्ट होती है। ना सिर्फ पुरुषों के ऊपर बल्कि औरतो के लिए भी ये चावल फायदेमंद है।बांस के चावल (बैम्बू राइस), जो मुलयारी के नाम से भी प्रचलित है, वास्तव में यह एक मरने वाले बाँस की गोली का बीज है, जो इसके जीवन काल के 60 साल में जा कर पैदा होता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के लिए आय का एक मुख्य साधन है।यह चावल बाजारों में आमतौर पर नही मिलता है, लेकिन इसकी ऑनलाइन बिक्री (Online Selling) बहुत मात्रा में होती है। इसमें एक पौधे को फूल बनने में कई वर्ष लग जाते हैं, जिसमें से इस छोटे अनाज वाले राइस को निकाला जाता है।जब इसे बनाने की बात आती है, तो इसे किसी भी अन्य वेरायटी के चावल की तरह बनाया जाता है और इसका स्वाद खाने में अधिक मीठा होता है। एक बार पकने पर इसकी बनावट में अंतर साफ दिखाई देता है। अधिकतर इसका इस्तेमाल खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है।


मरते बांस के दीपवृक्ष की आखिरी निशानी


बांस की दीपवृक्ष में अगर फूल आ जाए, तो इसका अर्थ है कि वह पेड़ अपने अंतिम दिन में है। बैम्बू राइस या बांस का चावल मरती बांस के दीप वृक्ष की अंतिम निशानी होता है। बांस के फूल से एक बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का चावल आता है और यही चावल बांस का चावल कहलाता है।यदि आप आदिवासी इलाके में जाते हैं तो कई महिलाएं और बच्चे बांस के चावल (Bans Ka Chawal) एकत्रित करते हुए बेचते हुए नजर आते है। एक शोधकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक केरल की वायानाड सेंचुरी के आदिवासियों के लिए यह चावल ना सिर्फ खाने का नही बल्कि आय का भी महत्वपूर्ण साधन है।


बांस के चावल की कटाई


बांस की झाड़ में फूल लगाए नहीं जाते यह खुद स्वयं उग जाते हैं। बांस की झाड़ में ऐसे चावल वाले फूल सिर्फ 50 वर्षों में एक बार ही आते हैं। इसका मतलब यह है कि 100 सालों में केवल दो बार आते हैं।


स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे ☀


चावल को एकत्रित करने के लिए बांस के फूल के आसपास की सफाई की जाती है और फूल पर मिट्टी को लपेटा जाता है और जब वह मिट्टी सूख जाती है, तो उसमें से चावल के दानों को निकाला जाता है। इसके बाद इसका बाजार में या स्वयं खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह चावल पौष्टिक गुणो से भरपूर होता है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मेरे सपने 101

मेरे 101 सपने  1. मेरी हर्बल लाइफ कि टीम वर्ड में पहले न पर होनी चाहिए  2. मेरी अर्निग 5 करोड़ एक महीने कि हो जाए  3. में एक सच्चा और नेक कार्य करती राहु  4. में सच्चे मन से देश कि तन मन से सेवा करूं  5. मेरी जितनी भी जिंदगी है हर दुखी लोगो कि सेवा करूं  6. मेरे से पहले किसी कि मौत ना हो किसी का दुख सहन नहीं होता  7. मेरे देश में कोई भूखा ओर दुखी ना रहे  8. मेरा गांव और देश में कभी गरीबी ना आए  9. कोई भी मां बाप को ओलाद का दुख ना मिले  10. जितने भी दुखी मां बाप है उनको में भोजन कपड़े बिस्तर उनके चरण स्पर्श मेरे हाथ से करूं  11. कोई भी बहिन बिना भाई कि ना हो एक भाई जरूर मिले  12. बेटा बेटी बहु परिवार में मान समान मिले  13. गलत और झूठ पर बहुत गुस्सा आता है वो शांत हो  14. जब में मरू तो तो देश का तिरंगा झंडा कफ़न हो pm खुद आए श्रद्धांजलि देने  15. वर्ड में समाज सेवा में न 1, पर आयु  16. हर देश में मेरा नाम हो  17. जब भी मरू तो हर देश में मेरी खबर छपे  18. हर देश के pm मेरे से सलाह ले देश कैसे चलाए...

नीम का गोंद खाने के फायद By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब नीम का गोंद खाने के फायदे जानकर हैरान रह जाएँगे क्योकि नीम के रोजाना उपयोग से कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। नीम का वानस्पतिक नाम है इसको अंग्रेजी में मार्गोसा ट्री (Margosa tree) नाम से जाना जाता है। नीम का प्रयोग ज्यादा तर खून को साफ करने में किया जाता है।नीम का गोंद और पत्तियां खाने के फायदेका गोंदऔषधियो के रूप में नीम का गोंद खाने के फायदे अनेकों हैं। नीम का उपयोग सदियों से होता आ रहा है नीम की पत्तियां, नीम की छाल, नीम का बीज़ आदि नीम की सभी चीजों से कोई ना कोई आयुर्वेदिक दवा बनाई जाती है और आयुर्वेद के रूप में नीम की पत्तियों आदि से किसी ना किसी रोगों का इलाज किया जाता है। आइये जानते हैं की मुख्य रूप से नीम का सेवन किसलिए किया जाता है।नीम का गोंद रक्त की गति बढ़ाता है।नीम का गोंद का रोजाना सेवन करने से शरीर में स्फूर्ति रहती है।नीम का गोंद का रोजाना सेवन करने से जल्दी कोई बीमारी नहीं होती है।नीम का गोंद खाने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है।नीम में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण किसी भी प्रकार के घाव को बढ़ने नहीं देतें हैं।नीम का तेल कान के दर्द में बहुत लाभकारी होता है।नीम का तेल बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए नीम का गोंद बहुत फायदेमंद होता है।

नीम का गोंद खाने के फायद By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब नीम का गोंद खाने के फायदे जानकर हैरान रह जाएँगे क्योकि नीम के रोजाना उपयोग से कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। नीम का वानस्पतिक नाम है इसको अंग्रेजी में  मार्गोसा ट्री  (Margosa tree) नाम से जाना जाता है। नीम का प्रयोग ज्यादा तर खून को साफ करने में किया जाता है। नीम का गोंद और पत्तियां खाने के फायदे औषधियो के रूप में  नीम का गोंद खाने के फायदे  अनेकों हैं। नीम का उपयोग सदियों से होता आ रहा है  नीम की    पत्तियां, नीम की छाल, नीम का बीज़ आदि नीम की सभी चीजों से कोई ना कोई  आयुर्वेदिक दवा  बनाई जाती है और आयुर्वेद के रूप में नीम की पत्तियों आदि से किसी ना किसी रोगों का इलाज किया जाता है। आइये जानते हैं की मुख्य रूप से  नीम का सेवन  किसलिए किया जाता है। नीम का गोंद  रक्त  की गति  बढ़ाता है। नीम का गोंद का रोजाना सेवन करने से शरीर में  स्फूर्ति  रहती है। नीम का गोंद का रोजाना  सेवन  करने से जल्दी कोई बीमारी नहीं होती है। नीम का गोंद ख...

गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से कौन सी खतरनाक बीमारियां दूर होती हैं? (By वनिता कासनियां पंजाब ?) गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से यह 5 बीमारियां ठीक हो जाति हैं।एनीमिया की बीमारीजैसे कि हमे पता है कि गुड़ में आयरन की मात्रा भरपूर होती हैं तो ऐसे में जो शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करती हैं। साथ ही इससे शरीर में खून की कमी भी नहीं होती हैं और एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं।तनाव और डिप्रेशनयदि कोई व्यक्ति में तनाव और डिप्रेशन की समस्या हैं तो उन्हें गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना चाहिए। इससे ब्रेन सेल्स मजबूत हो जाते हैं और डिप्रेशन से छुटकारा भी मिल जाता हैं।डिमेंशिया की बीमारीशायद आपको पता ना हो तो बतादें की डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी हैं। जिसमे इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। बतादें की ऐसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने में लिए गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं।दिल की बीमारीआपको बतादें की गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करने पर दिल की कार्य प्रणाली काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं। इससे दिल संबंधित सारी बीमारी कम हो जाती हैं।इमेज स्त्रोत: google

गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से कौन सी खतरनाक बीमारियां दूर होती हैं? (By वनिता कासनियां पंजाब ?) गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से यह 5 बीमारियां ठीक हो जाति हैं। एनीमिया की बीमारी जैसे कि हमे पता है कि गुड़ में आयरन की मात्रा भरपूर होती हैं तो ऐसे में जो शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करती हैं। साथ ही इससे शरीर में खून की कमी भी नहीं होती हैं और एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं। तनाव और डिप्रेशन यदि कोई व्यक्ति में तनाव और डिप्रेशन की समस्या हैं तो उन्हें गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना चाहिए। इससे ब्रेन सेल्स मजबूत हो जाते हैं और डिप्रेशन से छुटकारा भी मिल जाता हैं। डिमेंशिया की बीमारी शायद आपको पता ना हो तो बतादें की डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी हैं। जिसमे इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। बतादें की ऐसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने में लिए गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं। दिल की बीमारी आपको बतादें की गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करने पर दिल की कार्य प्रणाली काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं। इससे दिल संबंधित सारी बीमारी कम हो जाती हैं। इमेज स्त्रोत: google