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बांस वाला नमक क्या होता है इसके बनाने की प्रक्रिया में ऐसा क्या खास है जो इसे इतना महंगा नमक बनाता है? By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबआज लेकर आए हैं कुछ खास बांस की लकड़ी और समुद्री नमक की कहानी। तो चलिए नमक के सफर पर आज 😀jugyeom को बैंबू साल्ट कहा जाता है[1] और काफी समय से इसकी मांग कोरिया ही नहीं बल्कि विश्व भर में बनी हुई है और इसके इतने अधिक महंगे होने की वजह इसके बनने की प्रक्रिया में है।इसके बनाने के लिए सबसे पहले समुंदरी नमक को एकत्रित किया जाता है।अब लगभग तीन वर्ष की आयु के बांस के पेड़ों से उन खोखले पाईप जैसे डंडों को काट 👆करके छोटे-छोटे टयुब जैसे बनाया जाता है और नमक से भर दिया जाता है।👇तब उसके मुंह को पीली या काली मिट्टी से बंद किया जाता है कुछ ऐसे👇तब उच्च तापमान पर पहले वेक और फिर रोस्ट किया जाता है और इसमें चीड़ के पेड़ों की लकड़ी को इस्तेमाल किया जाता है।इसे लगभग 1000+ डिग्री सेल्सियस पर पकाया जाता है।अब इसे तोड़ा जाता है और फिर से बांस के खोखले डंडों में भरकर प्रोसेस को काफी बार दोहराया जाता है ताकि लड़की, मिट्टी और चीड़ के अच्छे गुण नमक में आ सके।और यही सारी प्रक्रिया 9 बार तक बार-बार करी जाती है जिसके अंत में हमें फेमस बैंबू साल्ट प्राप्त होता है।और अगर तापमान 1500+ डिग्री सेल्सियस पर है तब उसे पर्पल बेम्बू साल्ट कहा जाता है क्योंकि उसका रंग और स्वाद में भी अधिक बढ़िया होता ऐसा माना जाता है।इसे वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके कुछ स्वास्थ्य लाभों में शामिल है पाचनतंत्र की मजबूती, केंसर जैसे रोगों में इसका लाभ, डायरिया, सांस सम्बंधित रोग जैसे सफ़ेद बलगम बनने पर, निमोनिया, ट्यूबरक्लोसिस आदि,गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल[2] ट्रेक के अल्सर पर, फूड प्वाइजनिंग, दिल की बीमारियों में, शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन और भी अन्य इसे बाजार में बिकने वाले अन्य नमकों की लिस्ट में सबसे बढ़िया विकल्प बनाती है।इस प्रोसेस में काफी समय लगता है जो इसके रंग और स्वाद में भी निखार लाता है। 9 नंबर को कोरिया में स्वास्थ्यवर्धक और पुर्णता के प्रतिकात्मक अंक के रूप में देखा जाता है ‌और इसलिए नौ बार पके हुए नमक को सबसे बेहतर माना जाता है इसके अलावा यह एंटी ऑक्सीडेंट , एंटी कैंसर , गुणवत्ता होने के कारण भी आज विश्व बाजारों में इसकी मांग इसकी बनने की प्रक्रिया और गुणों को देखते हुए बढ़ती जा रही है[3] ।आज के लिए बस इतना ही… मिलते हैं हमारे अगले पोस्ट में तब तक आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखिए 💐 और मुस्कुराते रहिए 😊Image Source: तस्वीरें के मौलिक अधिकारों उनके मालिकों के पास सुरक्षित हैं।प्रश्नबांस वाला नमक क्या होता है इसके बनाने की प्रक्रिया में ऐसा क्या खास है जो इसे इतना महंगा नमक बनाता है?

आज लेकर आए हैं कुछ खास बांस की लकड़ी और समुद्री नमक की कहानी। तो चलिए नमक के सफर पर आज 😀

  • jugyeom को बैंबू साल्ट कहा जाता है[1] और काफी समय से इसकी मांग कोरिया ही नहीं बल्कि विश्व भर में बनी हुई है और इसके इतने अधिक महंगे होने की वजह इसके बनने की प्रक्रिया में है।
  • इसके बनाने के लिए सबसे पहले समुंदरी नमक को एकत्रित किया जाता है।
  • अब लगभग तीन वर्ष की आयु के बांस के पेड़ों से उन खोखले पाईप जैसे डंडों को काट 👆करके छोटे-छोटे टयुब जैसे बनाया जाता है और नमक से भर दिया जाता है।👇
  • तब उसके मुंह को पीली या काली मिट्टी से बंद किया जाता है कुछ ऐसे👇
  • तब उच्च तापमान पर पहले वेक और फिर रोस्ट किया जाता है और इसमें चीड़ के पेड़ों की लकड़ी को इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसे लगभग 1000+ डिग्री सेल्सियस पर पकाया जाता है।
  • अब इसे तोड़ा जाता है और फिर से बांस के खोखले डंडों में भरकर प्रोसेस को काफी बार दोहराया जाता है ताकि लड़की, मिट्टी और चीड़ के अच्छे गुण नमक में आ सके
  • और यही सारी प्रक्रिया 9 बार तक बार-बार करी जाती है जिसके अंत में हमें फेमस बैंबू साल्ट प्राप्त होता है।
  • और अगर तापमान 1500+ डिग्री सेल्सियस पर है तब उसे पर्पल बेम्बू साल्ट कहा जाता है क्योंकि उसका रंग और स्वाद में भी अधिक बढ़िया होता ऐसा माना जाता है।
  • इसे वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके कुछ स्वास्थ्य लाभों में शामिल है पाचनतंत्र की मजबूती, केंसर जैसे रोगों में इसका लाभ, डायरिया, सांस सम्बंधित रोग जैसे सफ़ेद बलगम बनने पर, निमोनिया, ट्यूबरक्लोसिस आदि,
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल[2] ट्रेक के अल्सर पर, फूड प्वाइजनिंग, दिल की बीमारियों में, शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन और भी अन्य इसे बाजार में बिकने वाले अन्य नमकों की लिस्ट में सबसे बढ़िया विकल्प बनाती है।
  • इस प्रोसेस में काफी समय लगता है जो इसके रंग और स्वाद में भी निखार लाता है। 9 नंबर को कोरिया में स्वास्थ्यवर्धक और पुर्णता के प्रतिकात्मक अंक के रूप में देखा जाता है ‌और इसलिए नौ बार पके हुए नमक को सबसे बेहतर माना जाता है इसके अलावा यह एंटी ऑक्सीडेंट , एंटी कैंसर , गुणवत्ता होने के कारण भी आज विश्व बाजारों में इसकी मांग इसकी बनने की प्रक्रिया और गुणों को देखते हुए बढ़ती जा रही है[3] ।

आज के लिए बस इतना ही… मिलते हैं हमारे अगले पोस्ट में तब तक आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखिए 💐 और मुस्कुराते रहिए 😊

Image Source: तस्वीरें के मौलिक अधिकारों उनके मालिकों के पास सुरक्षित हैं।

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बांस वाला नमक क्या होता है इसके बनाने की प्रक्रिया में ऐसा क्या खास है जो इसे इतना महंगा नमक बनाता है?

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