सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सबसे पहले जवाब दिया गया: क्या कोई ऐसा व्यंजन हैं जो केवल आपके घर में बनता है? क्या आप उसे बनाने की विधि बाटेंगे।By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबमैं ये तो नहीं कहती कि ये मेरे ही घर में बनता है लेकिन इस विधि से बहुत कम घरों में बनता होगा। यह राजस्थान और मालवा (मध्यप्रदेश का एक भाग - इन्दौर, उज्जैन वगैरह) में बनता है। सर्दियां आ रही हैं - इस व्यंजन को पौष्टिक नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं। इसमें पानी का अंश बिल्कुल समाप्त कर दिया जाता है इसलिये इन लड्डूओं को एअर टाइट डिब्बे में एक महीने तक भी रख सकते हैं।इन्हें कहते हैं मुठिया या चूरमा के लड्डू। नीचे रही बनाने की विधि। यह पोस्ट मैंने होली पर वाा पर ‘पाक ब्लॉग पर पोस्ट की थी। उसी को कापी पेस्ट कर रही हूँ, ताकि ज्यादा पाठक वर्ग तक पहुँचे।दीपावली के समय हर घर को कम से कम एक किलो मिठाई तो चाहिए। कभी किसी ने सोचा है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए इतनी मिठाई के लिए इतना दूध और शुद्ध घी कहाँ से आयेगा। सबको बाजार में शुद्ध मिठाई कहाँ से मिलेगी। माँग की भरपाई करने के लिए खूब मिलावटी मिठाइयाँ बनतीं हैं। हर साल 5–10% के सैम्पल भरे जाते हैं लेकिन परिणाम क्या वही ढाक के तीन पात।ऐसे में हम क्यों न अपने ही घर में मिठाई बनायें। हम जब छोटे थे तो हमारी माता जी, मीठी बूँदी, बेसन की बर्फी, गुलाब जामुन वगैरह घर में ही बनातीं थीं।चलिए आज आपको मैं मुठिया के लड्डू बनाने की विधि बनाता हूँ। इसमें सूखे मेवे (Nuts only - बादाम, काजू और पिस्ता) डालने की मैं ऐसी विधि बताऊँगा कि किसी नेट पर नहीं मिलेगी। यह हमने फरीदाबाद में एक भाटिया परिवार से सीखी थी, वे लोग जैसलमेर के थे। हम अपने घर में ये लड्डू बनाते हैं। दावा करता हूँ ऐसे लड्डू हल्दीराम भी नहीं बना सकता।बाल वनिता महिला आश्रमसामग्री:—रवीला गेहूँ का आटा … … 350 ग्रामबेसन … … … … … … . 150 ग्रामदूध - आटा और बेसन को गूँधने के लिए 250मिलीदेशी घी … … … … … … 1 किलोचीनी पिसी हुयी … … … .. 500 ग्रामबादाम गिरी … … … … … 200 ग्रामकाजू … … … … … … … 200 ग्रामपिस्ता … … … … … … .. 100 ग्रामइलायची … … … … … … 10 ग्रामविधि:—एक बड़ी पराँत में रवीला आटा लें। वैसे हमारे यहाँ चक्की पर रवीला या मोटा आटा मिल जाता है। लेकिन न मिले तो 250 ग्राम सादा आटा ले लें और उसमें 100 ग्राम सूजी मिला लें। इसी में बेसन भी मिला लें। बेसन आप्सनल है। इससे स्वाद ज्यादा आता है। तीनों को ठीक से मिलाकर उसमें करीब 200 ग्राम घी को पिघला कर मिला लें। फिर इस मिश्रण को हाथ से अच्छी तरह मिला लें। अब गुनगुने दूध से थोड़ा थोड़ा डाल कर जितना सख्त हो सके उतना सख्त गूँध लें। बस उसकी मुठियाँ जैसी बनने लगना चाहिए। नीचे चित्र देखिये।चित्र देखकर समझ में आ गया होगा कि कैसे करना है।अब कड़ाही चढ़ाहिये चूल्हे पर। उसमे आधा किलो घी डालिये। गर्म होने के बाद थोड़ा ठन्डा हो जाने दें फिर मुठियाँ सेकते जाँयें। धीमी आँच पर सेकना है कचौड़ी जैसे। सेकते जाईये , निकालती जाईये। जो सिक जायें उन्हें थोड़ा ठंडा होने के बाद मिक्सी में पीस लीजिये और मोटी छलनी से छान लीजिये। इस तरह से सिका हुआ दरदरा रवा मिल जायेगा। चित्र देखिये।अब बादाम को पानी में 5 मिनिट उबाल लीजिये। पानी में से निकाल कर उनका छिलका आसानी से उतर जायेगा।इनको कड़ाही में बचे हुए घी में तल कर निकाल लीजिये। काजू को भी घी में तल कर निकाल लीजिये। पिस्ता को चाकू से बारीक बारीक कतर लीजिये।तले हुए बादाम को मिक्सी में घुमाकर दरदरा करके मिश्रण में मिला दीजिए। ऐसे ही काजू को भी मिक्सी में दरदरा करके मिश्रण में मिला दीजिए। अब इसमें पिसी हुयी चीनी और इलायची को छीलकर पीसकर डाल दीजिये। हाथ से सारे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाईये। अब बचा हुआ सारा घी कड़ाही में पिघला कर इस मिश्रण में डाल लीजिये। और अच्छी तरह मिक्स करके लड्डू बनाने लगिये। जिस साइज के लड्डू अच्छे लगें उस साइज के बनाईये। लड्डू बनने में दिक्कत आये तो थोड़ा घी और गरम कर के मिला लीजिये। पानी बिलकुल नहीं छिड़कना है। ना ही चाशनी बनानी है।अब लोग सोच रहे होंगे कि सूखे मेवे पीस कर डाल दिये, दिख तो रहे नहीं हैं। तो सुनिये हमें ये लड्डू बाजार में शोकेश में रखके बेचने नहीं हैं। घर में खाने हैं और जो उसकी कीमत समझता हो उसे खिलाने हैं। इस बात की गारंटी है ऐसा लड्डू आज 1500/ रुपये किलो में भी कोई नहीं बना के देगा। इतने मैटेरियल का आप खुद बजन कर लो ढाई किलो से कम नहीं निकलेगा (आधा किलो आटा-बेसन, आधा किलो चीनी, आधा किलो सूखे मेवे, एक किलो घी, हो गया ढाई किलो। देशी घी एक किलो से ज्यादा भी लग सकता है। कोई भी रिफाइंड तेल या डालडा गलती से भी प्रयोग न करें।ये चित्र - शुचि अग्रवाल (Shuchi Agrawal) जी शैफ की साइट से।आप चाहें तो लड्डूओं को ऐसा शेप भी दे सकतीं हैं बच्चों को लुभाने के लिए।बस अब इसी से भगवान को भोग लगाईये और फिर स्वयं को भी भोग लगाईये। पसंद आयें तो टिप्पणियों में बताईयेगा।नोट - इस विधि में Vnita Kasnia Punjabजी की एक्सपर्ट एडवाइस ली गयी है, वह वा पंजाब इलाके की ही हैं। उन्हें धन्यवाद।चित्रों का सोजन्य - गूगल से।

मैं ये तो नहीं कहती कि ये मेरे ही घर में बनता है लेकिन इस विधि से बहुत कम घरों में बनता होगा। यह राजस्थान और मालवा (मध्यप्रदेश का एक भाग - इन्दौर, उज्जैन वगैरह) में बनता है। सर्दियां आ रही हैं - इस व्यंजन को पौष्टिक नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं। इसमें पानी का अंश बिल्कुल समाप्त कर दिया जाता है इसलिये इन लड्डूओं को एअर टाइट डिब्बे में एक महीने तक भी रख सकते हैं।

इन्हें कहते हैं मुठिया या चूरमा के लड्डू। नीचे रही बनाने की विधि। यह पोस्ट मैंने होली पर वाा पर ‘पाक ब्लॉग पर पोस्ट की थी। उसी को कापी पेस्ट कर  रही हूँ, ताकि ज्यादा पाठक वर्ग तक पहुँचे।

दीपावली के समय हर घर को कम से कम एक किलो मिठाई तो चाहिए। कभी किसी ने सोचा है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए इतनी मिठाई के लिए इतना दूध और शुद्ध घी कहाँ से आयेगा। सबको बाजार में शुद्ध मिठाई कहाँ से मिलेगी। माँग की भरपाई करने के लिए खूब मिलावटी मिठाइयाँ बनतीं हैं। हर साल 5–10% के सैम्पल भरे जाते हैं लेकिन परिणाम क्या वही ढाक के तीन पात।

ऐसे में हम क्यों न अपने ही घर में मिठाई बनायें। हम जब छोटे थे तो हमारी माता जी, मीठी बूँदी, बेसन की बर्फी, गुलाब जामुन वगैरह घर में ही बनातीं थीं।

चलिए आज आपको मैं मुठिया के लड्डू बनाने की विधि बनाता हूँ। इसमें सूखे मेवे (Nuts only - बादाम, काजू और पिस्ता) डालने की मैं ऐसी विधि बताऊँगा कि किसी नेट पर नहीं मिलेगी। यह हमने फरीदाबाद में एक भाटिया परिवार से सीखी थी, वे लोग जैसलमेर के थे। हम अपने घर में ये लड्डू बनाते हैं। दावा करता हूँ ऐसे लड्डू हल्दीराम भी नहीं बना सकता।

बाल वनिता महिला आश्रम

सामग्री:—

  • रवीला गेहूँ का आटा … … 350 ग्राम
  • बेसन … … … … … … . 150 ग्राम
  • दूध - आटा और बेसन को गूँधने के लिए 250मिली
  • देशी घी … … … … … … 1 किलो
  • चीनी पिसी हुयी … … … .. 500 ग्राम
  • बादाम गिरी … … … … … 200 ग्राम
  • काजू … … … … … … … 200 ग्राम
  • पिस्ता … … … … … … .. 100 ग्राम
  • इलायची … … … … … … 10 ग्राम

विधि:—

एक बड़ी पराँत में रवीला आटा लें। वैसे हमारे यहाँ चक्की पर रवीला या मोटा आटा मिल जाता है। लेकिन न मिले तो 250 ग्राम सादा आटा ले लें और उसमें 100 ग्राम सूजी मिला लें। इसी में बेसन भी मिला लें। बेसन आप्सनल है। इससे स्वाद ज्यादा आता है। तीनों को ठीक से मिलाकर उसमें करीब 200 ग्राम घी को पिघला कर मिला लें। फिर इस मिश्रण को हाथ से अच्छी तरह मिला लें। अब गुनगुने दूध से थोड़ा थोड़ा डाल कर जितना सख्त हो सके उतना सख्त गूँध लें। बस उसकी मुठियाँ जैसी बनने लगना चाहिए। नीचे चित्र देखिये।

चित्र देखकर समझ में आ गया होगा कि कैसे करना है।अब कड़ाही चढ़ाहिये चूल्हे पर। उसमे आधा किलो घी डालिये। गर्म होने के बाद थोड़ा ठन्डा हो जाने दें फिर मुठियाँ सेकते जाँयें। धीमी आँच पर सेकना है कचौड़ी जैसे। सेकते जाईये , निकालती जाईये। जो सिक जायें उन्हें थोड़ा ठंडा होने के बाद मिक्सी में पीस लीजिये और मोटी छलनी से छान लीजिये। इस तरह से सिका हुआ दरदरा रवा मिल जायेगा। चित्र देखिये।

अब बादाम को पानी में 5 मिनिट उबाल लीजिये। पानी में से निकाल कर उनका छिलका आसानी से उतर जायेगा।इनको कड़ाही में बचे हुए घी में तल कर निकाल लीजिये। काजू को भी घी में तल कर निकाल लीजिये। पिस्ता को चाकू से बारीक बारीक कतर लीजिये।

तले हुए बादाम को मिक्सी में घुमाकर दरदरा करके मिश्रण में मिला दीजिए। ऐसे ही काजू को भी मिक्सी में दरदरा करके मिश्रण में मिला दीजिए। अब इसमें पिसी हुयी चीनी और इलायची को छीलकर पीसकर डाल दीजिये। हाथ से सारे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाईये। अब बचा हुआ सारा घी कड़ाही में पिघला कर इस मिश्रण में डाल लीजिये। और अच्छी तरह मिक्स करके लड्डू बनाने लगिये। जिस साइज के लड्डू अच्छे लगें उस साइज के बनाईये। लड्डू बनने में दिक्कत आये तो थोड़ा घी और गरम कर के मिला लीजिये। पानी बिलकुल नहीं छिड़कना है। ना ही चाशनी बनानी है।

अब लोग सोच रहे होंगे कि सूखे मेवे पीस कर डाल दिये, दिख तो रहे नहीं हैं। तो सुनिये हमें ये लड्डू बाजार में शोकेश में रखके बेचने नहीं हैं। घर में खाने हैं और जो उसकी कीमत समझता हो उसे खिलाने हैं। इस बात की गारंटी है ऐसा लड्डू आज 1500/ रुपये किलो में भी कोई नहीं बना के देगा। इतने मैटेरियल का आप खुद बजन कर लो ढाई किलो से कम नहीं निकलेगा (आधा किलो आटा-बेसन, आधा किलो चीनी, आधा किलो सूखे मेवे, एक किलो घी, हो गया ढाई किलो। देशी घी एक किलो से ज्यादा भी लग सकता है। कोई भी रिफाइंड तेल या डालडा गलती से भी प्रयोग न करें।

ये चित्र - शुचि अग्रवाल (Shuchi Agrawal) जी शैफ की साइट से।

आप चाहें तो लड्डूओं को ऐसा शेप भी दे सकतीं हैं बच्चों को लुभाने के लिए।

बस अब इसी से भगवान को भोग लगाईये और फिर स्वयं को भी भोग लगाईये। पसंद आयें तो टिप्पणियों में बताईयेगा।

नोट - इस विधि में Vnita Kasnia Punjabजी की एक्सपर्ट एडवाइस ली गयी है, वह वा पंजाब इलाके की ही हैं। उन्हें धन्यवाद।

चित्रों का सोजन्य - गूगल से।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मेरे सपने 101

मेरे 101 सपने  1. मेरी हर्बल लाइफ कि टीम वर्ड में पहले न पर होनी चाहिए  2. मेरी अर्निग 5 करोड़ एक महीने कि हो जाए  3. में एक सच्चा और नेक कार्य करती राहु  4. में सच्चे मन से देश कि तन मन से सेवा करूं  5. मेरी जितनी भी जिंदगी है हर दुखी लोगो कि सेवा करूं  6. मेरे से पहले किसी कि मौत ना हो किसी का दुख सहन नहीं होता  7. मेरे देश में कोई भूखा ओर दुखी ना रहे  8. मेरा गांव और देश में कभी गरीबी ना आए  9. कोई भी मां बाप को ओलाद का दुख ना मिले  10. जितने भी दुखी मां बाप है उनको में भोजन कपड़े बिस्तर उनके चरण स्पर्श मेरे हाथ से करूं  11. कोई भी बहिन बिना भाई कि ना हो एक भाई जरूर मिले  12. बेटा बेटी बहु परिवार में मान समान मिले  13. गलत और झूठ पर बहुत गुस्सा आता है वो शांत हो  14. जब में मरू तो तो देश का तिरंगा झंडा कफ़न हो pm खुद आए श्रद्धांजलि देने  15. वर्ड में समाज सेवा में न 1, पर आयु  16. हर देश में मेरा नाम हो  17. जब भी मरू तो हर देश में मेरी खबर छपे  18. हर देश के pm मेरे से सलाह ले देश कैसे चलाए...

स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे Best Chai Recipe In Hindi: इस तरह बनाएंगे तो हर बार बनेगी परफेक्‍ट चाय, कभी नहीं बिगड़ेगा स्‍वाद, जाने तरीका! Best chai recipe in hindi: If you make this way, then you will make perfect tea every time, the taste will never deteriorate, know the way! By Vnita kasnia Punjab Best chai recipe in hindiBest chai recipe in hindi: भारत में चाय लाइफस्टाइल का ज़रूरी हिस्सा बन चुकी है। सुबह, दोपहर हो या शाम चाय पीने के लिए बस बहाना चाहिए। युवा, बच्‍चे, बजुर्ग हो या महिला सभी को चाय बेहद पसंद है, यहां तक की दिन की शुरूआत में यदि चाय ना मिले या खराब स्‍वाद की चाय मिल जाए तो पूरा दिन खराब हो जाता है। तो आईए जानते है कि कैसे एक बेहतरीन स्‍वाद वाली परफेक्‍ट चाय बनती है। बताते है चाय बनाने का सही तरीका!चाय बनाते वक्त होती हैं ये गलतियांचाय बनाते वक्त कई लोग गलतियां करते हैं, जिससे न सिर्फ चाय का स्वाद बिगड़ता है बल्कि चीज़ें भी वेस्ट होती हैं। जैसे चाय बनाते वक्त पत्ती सबसे पहले डाल देना, इससे चाय ज़्यादा कड़वी हो सकती है या फिर पत्ती कम पड़ सकती है। चाय में पत्ती की मात्रा सही होनी चाहिए। कई लोग चाय की पत्ती सबसे आखिर में डालते हैं और उसे सही तरीके से पकाते नहीं हैं। जिससे भी चाय का स्वाद अच्छा नहीं लगता। चाय को सही तरीके से उबालना ज़रूरी है, जिससे न सिर्फ स्वाद बल्कि चाय की खूशबू भी आती है।चाय बनाने का सही तरीका क्या है?,

स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे Best Chai Recipe In Hindi: इस तरह बनाएंगे तो हर बार बनेगी परफेक्‍ट चाय कभी नहीं बिगड़ेगा स्‍वाद जाने तरीका! , Best chai recipe in hindi: If you make this way, then you will make perfect tea every time, the taste will never deteriorate, know the way! By Vnita kasnia Punjab Best chai recipe in hindi: भारत में चाय लाइफस्टाइल का ज़रूरी हिस्सा बन चुकी है। सुबह, दोपहर हो या शाम चाय पीने के लिए बस बहाना चाहिए। युवा, बच्‍चे, बजुर्ग हो या महिला सभी को चाय बेहद पसंद है, यहां तक की दिन की शुरूआत में यदि चाय ना मिले या खराब स्‍वाद की चाय मिल जाए तो पूरा दिन खराब हो जाता है। तो आईए जानते है कि कैसे एक बेहतरीन स्‍वाद वाली परफेक्‍ट चाय बनती है। बताते है चाय बनाने का सही तरीका! चाय बनाते वक्त होती हैं ये गलतियां , , चाय बनाते वक्त कई लोग गलतियां करते हैं, जिससे न सिर्फ चाय का स्वाद बिगड़ता है बल्कि चीज़ें भी वेस्ट होती हैं। जैसे चाय बनाते वक्त पत्ती सबसे पहले डाल देना, इससे चाय ज़्यादा कड़वी हो सकती है या फिर पत्ती कम पड़ सकती है। चाय में पत्ती की मात्रा सही होनी चाहिए। कई लोग च...

गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से कौन सी खतरनाक बीमारियां दूर होती हैं? (By वनिता कासनियां पंजाब ?) गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से यह 5 बीमारियां ठीक हो जाति हैं।एनीमिया की बीमारीजैसे कि हमे पता है कि गुड़ में आयरन की मात्रा भरपूर होती हैं तो ऐसे में जो शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करती हैं। साथ ही इससे शरीर में खून की कमी भी नहीं होती हैं और एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं।तनाव और डिप्रेशनयदि कोई व्यक्ति में तनाव और डिप्रेशन की समस्या हैं तो उन्हें गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना चाहिए। इससे ब्रेन सेल्स मजबूत हो जाते हैं और डिप्रेशन से छुटकारा भी मिल जाता हैं।डिमेंशिया की बीमारीशायद आपको पता ना हो तो बतादें की डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी हैं। जिसमे इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। बतादें की ऐसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने में लिए गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं।दिल की बीमारीआपको बतादें की गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करने पर दिल की कार्य प्रणाली काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं। इससे दिल संबंधित सारी बीमारी कम हो जाती हैं।इमेज स्त्रोत: google

गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से कौन सी खतरनाक बीमारियां दूर होती हैं? (By वनिता कासनियां पंजाब ?) गर्म पानी के साथ गुड़ खाने से यह 5 बीमारियां ठीक हो जाति हैं। एनीमिया की बीमारी जैसे कि हमे पता है कि गुड़ में आयरन की मात्रा भरपूर होती हैं तो ऐसे में जो शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करती हैं। साथ ही इससे शरीर में खून की कमी भी नहीं होती हैं और एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं। तनाव और डिप्रेशन यदि कोई व्यक्ति में तनाव और डिप्रेशन की समस्या हैं तो उन्हें गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना चाहिए। इससे ब्रेन सेल्स मजबूत हो जाते हैं और डिप्रेशन से छुटकारा भी मिल जाता हैं। डिमेंशिया की बीमारी शायद आपको पता ना हो तो बतादें की डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी हैं। जिसमे इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। बतादें की ऐसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने में लिए गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं। दिल की बीमारी आपको बतादें की गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करने पर दिल की कार्य प्रणाली काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं। इससे दिल संबंधित सारी बीमारी कम हो जाती हैं। इमेज स्त्रोत: google